BREAKING NEWS

राफेल डील: बीजेपी का पलटवार, कहा-कमीशन खाने को नहीं मिला, इसलिए छटपटा रही है कांग्रेस।
छत्तीसगढ़: सेक्स सीडी मामले में CBI ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल को नोटिस भेजा।

साइकिल पर शादी की सालगिरह


                                                                (1)
शुगर फैक्ट्री से धुआं निकल रहा है। एक व्यक्ति साइकिल पर फैक्ट्री से बाहर निकलता है।
स्ट्रीट लाइट में वो तेजी से साइकिल चलाता है। उसके चेहरे पर बेताबी साफ दिख रही है। रमेश शर्मा नाम का ये व्यक्ति सीतापुर शुगर फैक्ट्री में सुपरवाइजर के पद पर काम करता है। इसकी शादी को एक साल हुआ है। इसकी पत्नी का नाम सीमा है। 

                                                                 (2)
एक घर के सामने वो व्यक्ति अपनी साइकिल खड़ी करता है। वो दरवाजे पर नॉक करता है।
लेकिन अंदर से कोई फीडबैक नहीं मिलता है। लिहाजा वो फिर से दरवाजा नॉक करता है।
रमेश- सीमा जल्दी दरवाजा खोलो
सीमा- आ रही हूं बाबा, क्या जल्दबाजी है
सीमा ऊंघते हुए दरवाजा खोलती है। रमेश घर में प्रवेश कर जाता है।

                                                                 (3)
रमेश- सीमा तुम जल्दी से अपने कपड़े चेंज करो
सीमा- क्यों...
रमेश- बाहर जाना है
सीमा- (हैरान होकर) बाहर जाना है...क्या बात है जो तुम इतनी सुबह बाहर चलने को
कह रहे हो।
रमेश- बहस मत करो। जो मैं कहता हूं करती जाओ। टाइम वेस्ट मत करो। मैं इतनी दूर से
तेजी से साइकिल चलाते हुए आया हूं सिर्फ तुम्हारे लिए। जल्दी तैयार हो जाओ
सीमा- अच्छा बाबा। थोड़ा सब्र करो। मैं यूं गई और यूं आई।
सीमा बेडरूम में जाकर कपड़े चेंज करती है। इस दौरान रमेश भी लाल रंग की शर्ट निकाल
कर पहन लेता है।
सीमा- अरे ये तो वही शर्ट है जो मैंने तुम्हें शादी के बाद गिफ्त की थी।
रमेश- अरे तुम गिफ्ट मत देखो टाइम देखो। टाइम निकल गया तो सारे अरमान  धरे के धरे रह जाएंगे
रमेश सीमा के साथ घर से बाहर निकलता है और दरवाजे को लॉक कर देता है।

                                                                   (4)
 रमेश सीमा को साइकिल पर अपने आगे बिठाकर सड़क पर साइकिल चलाने लगता है।
रमेश- तुम मेरे साथ मेरी साइकिल पर बैठी हो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। तुम्हें कैसा लग रहा है।
सीमा- सच कहूं तो अभी मेरे वो ख्वाब पूरे हो रहे हैं जो मैं अब तक देखती आ रही थी। आज मैं तुम्हारे इतने करीब हूं। ऐसा लग रहा है जन्नत की सैर कर रही हूं। तुम्हारी ये साइकिल केवल साइकिल नहीं है। ये हमारे अरमानों का हवाई जहाज है। 
रमेश- इसलिए तो मैं तुम पर दबाव बना रहा था कि तुम जल्द तैयार हो जाओ
8 बजे से तुम अपने ऑफिस जाने की तैयारी में लग जाओगी। इसलिए मैंने 6 से 7 बजे का टाइम
तुम्हारे साथ गुजारने का फैसला किया। ताकि तुम अहसास कर सको कि भले ही हमें एक-दूसरे से
मिलने का समय नहीं मिल पाता, हमारा रिश्ता और मजबूत हो रहा है। अब मैं जब भी ये साइकिल
चलाऊंगा तब मुझे लगेगा कि तुम मेरे पास इस साइकिल पर बैठी हो।

                                                                    (5)

रमेश सीमा को साइकिल पर बैठाकर जा रहा होता है। इतने में सड़क पर मौजूद कुत्ते
उन पर भौंकना शुरू कर देते हैं। रमेश उन्हें भगाने की कोशिश करता है, लेकिन कुत्ते उनका
पीछा नहीं छोड़ते।

                                                                     (6)

तभी पुलिसवाले रमेश और सीमा को रोक देते हैं। 
पुलिसवाला- क्यों कहां जा रहे हो?
रमेश- सर ये मेरी पत्नी है और आज हमारी शादी की सालगिरह है। इसलिए सोचा
कि पत्नी को शहर घुमाऊं।
पुलिसवाला- बीवी को घुमाने के लिए तुम्हें यही वक्त मिला था
रमेश- क्या करें सर,  घर चलाने के लिए हम दोनों को जॉब करना पड़ता है।
मैं रात की शिफ्ट में काम करता हूं और ये रात की शिफ्ट में काम करती है। इसलिए हम दोनों को एक दूसरे से मिलने का समय नहीं मिल पाता।
पुलिसवाला- ठीक है जाओ

                                                                     (7)

रमेश साइकिल को अपने घर के सामने रोकता है।
सीमा- ये एक घंटे का सफर मेरे लिए यादगार गिफ्त है।
मैं तो भूल ही गई थी कि आज हमारी शादी की सालगिरह है।
(ये कहते हुए सीमा रमेश के गले लग जाती है।)







Comments