अमृतसर में बड़ा ट्रेन हादसा, 50 से ज्यादा की मौत की आशंका। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल हुए। महाराष्ट्र के शिरडी में साईं समाधि के 100 वर्ष पूरे होने पर समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। दिल्ली: बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडेय के बेटे आशीष पांडे को सोमवार तक जेल। दिल्ली: अगले 3 दिनों तक लालकिला आम लोगों के लिए बंद रहेगा। आंध्र प्रदेश: श्री पीठक के महंत स्वामी परिपूर्णानंद बीजेपी में शामिल हुए। देश का विदेशी पूंजी भंडार 5.14 अरब डॉलर घटा। केरल: सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध जारी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की।

हमको तेरे टैक्स ने मारा !

ये कहानी है शेयर बाजार की। बजट के पहले गिरा, बजट के दौरान संभला और बजट के बाद उछला। जी हां ये
साभार:PIB
है भारत का शेयर बाजार, जिस पर टैक्स की मार का कोई असर नहीं हुआ। बाजार का कॉन्फिडेंस तो देखिए। ऐसा उठ खड़ा हुआ है जैसे कुछ हुआ ही ना हो। यहां सवाल ये है कि मोदी सरकार ने मिडिल क्लास को क्या दिया? पहले नोटबंदी फिर जीएसटी और अब शेयर पर लान्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स। कुल मिलाकर सरकार ने ये ठान लिया है कि वो जनता की गाढ़ी कमाई पर ही चलने वाली है। थोड़ा अतीत में झांके मतलब राजशाही के दौर को याद करें तो जब-जब राजा को पैसे की जरूरत पड़ती थी तो वो अपनी जनता पर टैक्स का भार लाद देता था। माननीय मोदी जी क्या आप भी उसी रास्ते पर जा रहे हैं? आपकी सरकार के 4 साल होने को जा रहे हैं, लेकिन विकास को धरातल पर रख कर देखा जाए तो वो आपके दावे के मुताबिक वो खरा नहीं उतरता। जाहिर है आपके पास भी कोई पैसे की बरसात नहीं हो रही, लेकिन आपको भी मध्यम वर्ग का दर्द समझना चाहिए। उसके पास भी पैसे की बारिश नहीं हो रही।गरीब का दर्द समझने का दावा आप करते हैं। आपको मिडिल क्लास के दर्द को भी महसूस करना चाहिए। बजट में आपके वित्त मंत्री अरुण जेटली जी ने 70 लाख नई नौकरियों की घोषणा की है। बजट में युवाओं को स्किलफुल बनाने की बात कही गई है। किसानों का दिल जीतने के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं। आप को याद दिलाना जरूरी है कि इससे पहले भी आपकी सरकार ने बजट को पेश किया है। लेकिन इस बार का बजट जरा हटके हैं। अभी तक सरकार की गिद्ध दृष्टि शेयर बाजार पर नहीं पड़ी थी। मगर इस बजट के बाद साफ हो गया कि सरकार को भी शेयर बाजार में भरपूर कमाई की संभावनाएं दिख रही हैं। जीएसटी के जरिए तो आपकी सरकार जेब काट ही रही है, अब शेयर पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लादकर  एक बार फिर मिडिल क्लास को सताने की कोशिश आपका सरकार ने शुरू कर दी है।

Comments