जरा तस्वीर बदलने दो

अब तन्हा रहने दो ।
बस यही गुजारिश है।।

थोड़ी जिंदगी को समझ लूं।
बस यही ख्वाहिश है।।

बेबसी, लाचारी देखी बहुत।
अब जरा मुस्कुराने की मोहलत दो।।

जख्मों को करवट बदलने दो।
जरा तस्वीर बदलने दो।।

रिश्तों से जब दर्द रिसने लगे।
तो आंखों से आंसू बहने दो।।

मैं नाउम्मीद के कफन में न दफन होऊंगा।
मुझमें मौत से लड़ने की हिम्मत रहने दो।। 

Comments