अमृतसर में बड़ा ट्रेन हादसा, 50 से ज्यादा की मौत की आशंका। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल हुए। महाराष्ट्र के शिरडी में साईं समाधि के 100 वर्ष पूरे होने पर समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। दिल्ली: बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडेय के बेटे आशीष पांडे को सोमवार तक जेल। दिल्ली: अगले 3 दिनों तक लालकिला आम लोगों के लिए बंद रहेगा। आंध्र प्रदेश: श्री पीठक के महंत स्वामी परिपूर्णानंद बीजेपी में शामिल हुए। देश का विदेशी पूंजी भंडार 5.14 अरब डॉलर घटा। केरल: सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध जारी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की।

महाभियोग का नोटिस खारिज

विपक्षी दलों के द्वारा दिए गए महाभियोग के नोटिस को सभापति ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी। बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व में सात विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा पर महाभियोग लगाने का नोटिस दिया है।
यदि इस नोटिस को राज्यसभा या लोकसभा के स्पीकर स्वीकार कर लेते हैं तो फिर जस्टिस दीपक मिश्रा के ऊपर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक कमिटी गठित की जाएगी। आरोप सत्य पाए जाने पर जस्टिस दीपक  मिश्रा पर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। विपक्षी दलों और चीफ जस्टिस के बीच टकराव का ये पहला मामला है और इसको लेकर संविधान में नियम भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में महाभियोग के नोटिस पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने जस्टिस मिश्रा पर  मोदी सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। वहीं मोदी सरकार इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। जाहिर है संसद में बीजेपी गठबंधन का बहुमत है। ऐसे में यदि महाभियोग की प्रक्रिया भी शुरू की गई तो उसके पास होने की उम्मीद जीरो के बराबर है। मोदी सरकार और चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की दोस्ती कितनी प्रगाढ़ है ये कोई नहीं जानता, बस  विपक्ष को एक मुद्दा मिल गया है जिस पर सियासत गर्म हो गई है। एक सवाल ये भी उठता है कि भारत की न्यायपालिका कितनी स्वतंत्र है? यदि स्वतंत्र है तो विपक्षी पार्टियों को महाभियोग का नोटिस देने की क्या जरूरत पड़ी? 2014 में पूर्व चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम को एनडीए सरकार ने केरल का राज्यपाल बनाया था जिसकी कांग्रेस ने तीखी आलोचना की थी। कांग्रेस ने टिप्पणी की थी कि इससे चीफ जस्टिस की गरिमा कम हुई है। चलिए अब आपको उन तथ्यों से अवगत कराते हैं जो आपको जानना जरूरी है। संविधान के अऩुच्छेद 124 (1) के तहत भारत में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की गई। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के साथ 30 अन्य न्यायाधीश हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से लेकर लोवर कोर्ट तक जजों की इतनी कमी है कि बड़ी संख्या में मुकदमें पेंडिंग पड़े हैं।बता दें कि महाभियोग की प्रक्रिया पहली बार 1991-93 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बी रामास्वामी और वर्ष 2011 में कोलकता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सौमित्र सेन के खिला लाया गया था। इसी तरह सिक्किम हाईकोर्ट के न्यायाधीश पी डी दिनाकरण के ऊपर भी महाभियोग लगाया गया था लेकिन इन सभी ने महाभियोग के पास होने से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

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