संत पर चादर, विपक्ष पर हमला

जनता के प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर के मगहर में कबीर के शरण में पहुंचे, जहां
साभार:PIB
उन्होंने संत कबीर की समाधि पर चादर चढ़ाई। उनके पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर की समाधि पर चादर चढ़ाई। इस दौरान वहां के खादिम ने योगी आदित्यनाथ को टोपी पहनाने की कोशिश की, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने मना कर दिया। आपको याद दिला दें कि इसके पहले नरेंद्र मोदी जब गुजरात के सीएम हुआ करते थे तो उऩ्होंने सदभावना कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें एक मौलवी ने उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की थी, लेकिन मोदी ने टोपी पहनने से इनकार कर दिया था।  प्रधानमंत्री ने संत कबीर की 500वीं पुण्यतिथि के अवसर पर संत कबीर की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने संत कबीर की मजार पर चादर भी चढ़ाई। प्रधानमंत्री संत कबीर गुफा गए और पट्टिका का अनावरण करते हुए संत कबीर अकादमी की आधारशिला रखी। यह अकादमी संत कबीर की शिक्षाओं और विचारों का प्रचार-प्रसार करेगी। अकादमी के निर्माण पर 24 करोड़ की लागत आएगी। पीएम मोदी ने यहां एक जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने सामाजिक बुराइयों से मुक्ति पाने का रास्ता समाज को दिखाया। पीएम ने कहा कि संत कबीर, गुरु नानक और बाबा गोरखनाथ ने मगहर में ही आध्यात्मिक विचार-विमर्श किया था। इन संतों ने समाज को एक नई दिशा देने का काम किया। जनसभा को संबोधित करने के दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। मोदी ने विपक्ष पर अवसरवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदर्श शासक वहीं है जो जनता की भावनाओं और पीड़ाओं को समझे और महसूस करे। शासक वही हो जो जनता की बिना किसी स्वार्थ के सेवा करें। बहरहाल मोदी के मगहर दौरे के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने संत कबीर को श्रद्धांजलि देकर लोकसभा 2019 के चुनाव को लेकर शंखनाद कर दिया है। 

Comments