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डिजिटल की ओर रेलवे का एक कदम

(नई दिल्ली) डिजिटल इंडिया की पटरी पर रेलवे भी दौड़ने लगा है। रेल मंत्रालय ने डिजिटल लॉकर से वैधपहचान प्रमाण के रूप में पेश किए जाने वाले आधार और ड्राइविंग लाइसेंस को मान्यता प्रदान कर दिया है। लेकिन दिक्कत इस बात की है कि यदि यूजर अपलोडेड डॉक्यूमेंट दिखाता है तो उसे वैध नहीं माना जाएगा। गौरतलब है कि इस समय पीयूष गोयल रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे पहले ये जिम्मेदारी सुरेश प्रभु को दी गई थी और उम्मीद की गई थी कि उनके नेतृत्व में रेलवे विकास की पटरी पर तेजी से दौड़ेगा, लेकिन विकास की पटरी इतनी कमजोर निकली कि एक के बाद एक कई हादसे हो गए और कई लोगों की जान रेलवे की लापरवाही ने ले ली। लिहाजा सुरेश प्रभु को रेल मंत्री का पद छोड़ना पड़ा और ऊर्जा  मंत्री पीयूष गोयल को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। धीमी गति ही सही, पीयूष गोयल के नेतृत्व में रेलवे का कायाकल्प हो रहा है। बहरहाल आइए अब आपको बताते हैं कि फिलहाल भारतीय रेलवे किसी भी आरक्षित श्रेणी में यात्रा करने के लिए किस पहचान पत्र को वैध मानता है ?
1. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो युक्त पहचान पत्र
2. पासपोर्ट
3. पैनकार्ड
4. ड्राइविंग लाइसेंस
5. केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र
6. मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज का पहचान पत्र
7. फोटो के साथ राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक
8. फोटो के साथ बैंकों द्वारा जारी क्रेडिट कार्ड
9. आधार, एम आधार और ई-आधार कार्ड
10. राज्य या केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान, जिला प्रशासन, पालिका प्रशासन और पंचायत द्वारा पहचान पत्र

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