भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र को राहत

नई दिल्ली: 2019 का लोकसभा चुनाव सामने है। लिहाजा अब देश में सूखा पड़ा तो राहत मिलेगी और यदि बाढ़
आई तो राहत मिलेगी। यानि किसी भी प्रकार की आपदा में मोदी सरकार हमेशा आपके सामने है। कांग्रेस समेत विपक्ष मोदी सरकार के इस कदम को झूठा करार दे सकता है। गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगा सकता है। मगर इन आरोपों के बीच मोदी सरकार अपनी चाल को बरकरार रखे हुए है। सवा सौ करोड़ देशवासियों की चिंता करने वाली मोदी सरकार प्राकृतिक आपदा प्रभावित लोगों की चिंता भी करती है। समय-समय पर इसके उदाहरण देखने को मिले हैं। केरल में बाढ़ राहत और बचाव कार्य इसके हाल के उदाहरण हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 2017-2018 के दौरान रवि मौसम के सूखे द्वारा प्रभावित उत्तर प्रदेश और 2017 के दौरान कीटों के हमले और चक्रवात से प्रभावित महाराष्ट्र को अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता देने के विषय पर विचार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक की। इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
राधा मोहन सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, गृह सचिव राजीव गाबा सहित गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और नीति आयोग के आला अधिकारी मौजूद थे। इस समिति ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से उत्तर प्रदेश को 157.30 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 60.76 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता को मंजूरी दे दी।

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