प्रतिस्पर्धा अधिनियम की होगी समीक्षा, समिति गठित

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम की समीक्षा के लिए प्रतिस्पर्धा अधिनियम समीक्षा समिति
का गठन किया है। वर्ष 2002 में प्रतिस्पर्धा अधिनियम पारित होने के बाद भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना की गई। वर्ष 2009 से भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कार्य करना शुरू किया और देश में प्रतिस्पर्धा के विकास और बाजार में उचित नीतियों के प्रयोग को लेकर सराहनीय काम किया है। पिछले 9 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और आज भारत दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक है और इसके और प्रगति करने की आशा है। लिहाजा प्रतिस्पर्धा अधिनियम को सशक्त करने और नागरिकों को बेहतर नियमों  के जरिए मूल्यों के अनुरूप गुणवत्ता को प्राप्त करने और बनाए रखने के लिए अधिनियम को सशक्त बनाने की जरूरत है। आइए अब आपको बताते हैं कि समीक्षा समिति के सदस्य कौन-कौन बनाए गए हैं। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के सचिव को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अध्यक्ष  को सदस्य बनाया गया है। भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड के अध्यक्ष को भी सदस्य बनाया गया है। मैसर्स खेतान एंड कंपनी की तरफ से  हैग्रिव खेतान, IKDHVAJ एडवाईजर्स एलएलपी के हर्षवर्धन सिंह, मैसर्स शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के अलावा रिटायर IAS डॉ. एस. चक्रवर्ती और इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर आदित्य भट्टाचार्य को समीक्षा समिति का सदस्य बनाया गया है। एमसीए के संयुक्त सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया। समिति अपनी बैठक की तारीख से तीन महीने के भीतर अपना काम पूरा करेगी और रिपोर्ट पेश करेगी। 

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