रेल धरोहर डिजिटलीकरण परियोजना का शुभारंभ

नई दिल्ली: रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्‍ली में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गूगल आर्ट्स एंड
कल्‍चर के सहयोग से भारतीय रेलवे की ‘रेल धरोहर डिजिटलीकरण परियोजना’ का शुभारंभ किया। यह परियोजना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को देश की रेल धरोहरों से रू-ब-रू कराने के उद्देश्‍य से दुनिया के इस हिस्से में अपनी तरह का प्रथम ऐतिहासिक प्रयास है। इसे ‘गाथा बयां करने वाले ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म’ के जरिए सुलभ कराया जाएगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी, रेलवे बोर्ड के सदस्‍य, गूगल के वाइस प्रेसीडेंट दक्षिण पूर्व एशिया एवं भारत, राजन आनंदन, गूगल कल्‍चरल इंस्‍टीट्यूट के निदेशक अमित सूद, रेलवे बोर्ड के अधिकारी, गूगल के अधिकारी, यूनेस्‍को के प्रतिनिधि और रेलवे के अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे। पीयूष गोयल ने कहा कि मुम्‍बई में भारत की प्रथम रेल लाइन बिछाई गई थी। 16 अप्रैल 1853 को पहली ट्रेन बोरी बंदर और ठाणे के बीच चलाई गई थी। इस ऐतिहासिक परियोजना को प्रदर्शित करने के लिए भारत में विभिन्‍न स्‍थानों पर 22 डिजिटल स्‍क्रीन लगाएंगे। गोयल ने कहा कि यह भारतीय रेल और गूगल के बीच इस भागीदारी में वाईफाई सेवाएं भी जुड़ी है, जिसे देश के 400 से अधिक रेलवे स्‍टेशनों तक बढ़ा दिया गया है। यह जनसेवा के लिए साझेदारी की क्षमताओं का दर्शाता है। जिन 711 स्‍टेशनों में वाईफाई सेवाएं दी गयी हैं वह किसी भी अन्‍य स्‍थान पर उपलब्‍ध वाईफाई सेवाओं से तेज पहुंच वाली है।


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