सरकार मनाएगी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती

नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन-2018 का उद्घाटन
किया। महासम्मेलन में अंधविश्वास की रोकथाम, आधुनिकीकरण, महिला सशक्तिकरण, वनवासी कल्याण और प्राकृतिक आपदाओं के प्रबन्धन संबंधी विषयों पर चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने हमें आत्मसम्मान और पुनर्जागरण का मार्ग दिखाया। वे सामाजिक और आध्यात्मिक सुधार के योद्धा थे। उन्होंने शैक्षिक और सामाजिक सुधार, विशेषकर महिला सशक्तिकरण और अस्पृश्यता उन्मूलन के लिए प्रभावशाली उपाय किए। रामनाथ कोविंद ने कहा कि स्वामी दयानंद के विचार और कार्य आज भी भारतीय समाज और पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक हैं। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि आर्य समाज पर्यावरण सुरक्षा के लिए सौर और ऊर्जा के दूसरे विकल्पों को प्रोत्साहित करेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि आर्य समाज की लगभग 10 हजार इकाइयां पूरी दुनिया में संचालित हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने नैतिकता आधारित आधुनिक शिक्षा के प्रोत्साहन में अभूतपूर्व योगदान दिया है और उसने समाज के सभी वर्गों खासकर महिलाओं और वंचित वर्गों की उन्नति के लिए काम किया। आर्य समाज ने देशभर में कई स्कूल और कॉलेज स्थापित किए हैं। इस अवसर  पर राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2024 में सरकार स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती मनाएगी। 

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