21 अक्टूबर को होगा 'बलिदान' का सम्मान

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का लोकार्पण करेंगे। आजादी के
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बाद पुलिसकर्मियों के दिए गए बलिदान की स्मृति में इस स्मारक को तैयार किया गया है। 1959 में चीनी सैनिकों के आक्रमण के दौरान लद्धाख में हॉट स्प्रिंग्स में मारे गये पुलिस जवानों की याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मारक दिवस मनाया जाता है। इस स्मारक का निर्माण शांतिपथ के उत्तरी छोर पर चाणक्यपुरी में 6.12 एकड़ भूमि पर किया गया है। यह पुलिस स्मारक सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश के पुलिस  बलों और केन्द्रीय पुलिस संगठनों का प्रतिनिधितत्व करता है। 1947 से अभी तक 34,844 पुलिस जवान शहीद हो चुके हैं जिनमें 424 पुलिस जवानों ने 2018 में अपनी शहादत दी है। इनमें से कई बहादुर जवानों ने कश्मीर, पंजाब, असम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम जैसे अलग-अलग क्षेत्रों और देश के वाम चरमपंथ क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस के जवान अपराध रोकने और कानून व्यवस्था कायम रखने के दौरान शहीद हुए हैं। एनपीएम ग्रेनाइट के एक टुकड़े से बनी केंद्रीय प्रस्तर प्रतिमा है जो 30 फीट ऊंचे पत्थर का खंभा है, जिसका वजन 238 टन है। इसका वजन और रंग सर्वोच्च बलिदान की गंभीरता का प्रतीक है। सभी 34,844 पुलिस जवानों के नाम शूरता की दीवार पर ग्रेनाइट पर उत्कीर्ण किया हुआ है। राष्ट्र के नाम एक पुलिस संग्रहालय भी समर्पित किया जाएगा। इसमें वे कलाकृतियां और यादें शामिल हैं जिन्होंने भारतीय पुलिस के इतिहास को आकार दिया है।

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