ये दोस्ती क्या रंग लाएगी ?

टोक्यो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत और जापान के बीच 13वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जापान
गए हैं। इस दौरान दो दिवसीय सम्मेलन में दोनों देशों के बीच के संबंधों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही इस बात पर भी जोर दिया जाएगा कि कैसे भारत और जापान के रिश्ते को और मजबूत बनाया जाए। हालांकि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना खास और भरोसेमंद दोस्त बताया है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि शिंजो आबे के साथ उनकी बैठक दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगी। बता दें कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 2014 में जापान की यात्रा की थी। उसके बाद से लेकर अब तक शिंजो आबे के साथ पीएम मोदी की 11 बैंठकें हो चुकी  हैं। इस सम्मेलन को मिला दिया जाए तो कुल मिलाकर 12 बार बैंठकें हो चुकी हैं। पीएम मोदी ने कहा कहा कि जापान भारत में ‘मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी पहल में आगे बढ़कर सहयोग कर रहा है। जिसका फायदा भारत को मिलेगा। बहरहाल भारत और जापान की दोस्ती से भारत को कितना फायदा होगा, ये तो आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल वक्त यही बता रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे की इस प्रगाढ़  दोस्ती का असर जरूर देखा जा सकता है। पहली यात्रा में नरेंद्र मोदी ने शिंजो आबे को गीता की किताब दी थी। इस बार वो स्पेशल नकिस्म के कटोरे और दरियां जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को दिया है। देश स्तर पर चाहे जो नतीजा निकल कर आए, लेकिन इतना तो कहा जा सकता है कि नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे सच्चे और घनिष्ठ दोस्त हैं। 

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