गृहमंत्री ने जवानों को वीरता पदक से नवाजा

उत्तर प्रदेश: लखनऊ में RAF का 26वां जयंती समारोह मनाया गया। इस अवसर पर एक आकर्षक परेड का भी
आयोजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और परेड की सलामी ली। उन्होने परंपरागत ढंग से परेड का निरीक्षण भी किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल CRPF ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि CRPF ने जहां एक ओर कश्मीर  में आतंकवाद को नियंत्रित किया है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद को समाप्त करने में अहम सफलता हासिल की है। उन्होने कहा कि 2018 में  CRPF ने 131 नक्सलियों को मार गिराया और 1278 को जिंदा पकड़ लिया। 58 नक्सली आत्मसमर्पण के लिए मजबूर हुए। गृहमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत पर अब उनके परिजनों को कम से कम 1 करोड़ रुपया देने का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम में 15 अधिकारियों और जवानों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया। जबकि दो अधिकारियों को सराहनीय सेवा पदक मिला। जिन अधिकारियों और जवानों को वीरता पदक से नवाजा गया उनके नाम हैं कमांडेंट किशोर कुमार, हवलदार अरुण कुमार, सिपाही मनीष कुमार यादव, सिपाही प्रदीप कुमार सिंह और सिपाही पठारे स्वप्निल हेमराज़।  इन्हें कश्मीर में अवन्तिपुरा में आतंकवादियों के खिलाफ सफल कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया। कश्मीर में CRPF कैंप पर फिदायीन आतंकी हमले  के दौरान वीरता प्रदर्शित करने के लिए सहायक कमांडेंट शंकर लाल जाट और पंकज हल्लू, हवलदार पंकज कुमार और सिपाही राम दुलारे और बलराम टूरु को सम्मानित किया गया। कश्मीर में कुपवाड़ा में आतंकवादियों के खिलाफ अभूतपूर्व शौर्य प्रदर्शित करने के लिए निरीक्षक सुब्रमण्यम जी और सिपाही मोहम्मद अशरफ और मंधीर सिंह को और अनंतनाग में बैंक हमले में आतंकवादियों को मारने वाले हवलदार कौशल कुमार और बिज बेहरा अनंतनाग  में बीएसएफ़ के काफिले पर आतंकी हमले के दौरान शौर्य प्रदर्शन करने वाले सहायक उपनिरीक्षक नंद किशोर को सम्मानित किया गया। सराहनीय सेवाओं के लिए  RAF के DIG दिलीप कुमार और संजय कुमार को सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि दंगे और दंगे जैसी स्थिति को नियंत्रित करने, कानून व्यवस्था से जुड़ी  गंभीर समस्याओं के समाधान, भीड़ नियंत्रण और राहत एवं बचाव  जैसे कार्यों को अंजाम देने के मकसद से 7 अक्टूबर 1992 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 10 बटालियनों को मिला कर RAF की स्थापना की गई थी। बाद में जनवरी 2018 में इसमें 5 और बटालियनें जोड़ी गईं। दिल्ली में मुख्यालय के साथ ही RAF की 15 बटालियनें देश के अलग-अलग हिस्सों में फैली हैं। RAF के 26वें जयंती समारोह के दौरान CRPF के महानिदेशक राजीव राय भटनागर भी मौजूद थे।

Comments