बालों में तेल, फायदा कम नुकसान ज्यादा ?

क्या आपकी त्वचा ऑयली है? क्या आप बालों में सौंपी नहीं करते? यदि नहीं करते तो आज से अभी से बालों में शैम्पू करना शुरू कर दीजिए। अक्सर देखा गया है कि ऑयली बाल बेहद खराब दिखते हैं। स्मार्ट चेहरा भी
ऑयली बालों से स्मार्ट चेहरे का लुक बदल जाता है यानि आप स्मार्ट होकर भी स्मार्ट नहीं दिखते। ये बात सही है कि तेल से बालों को पोषण मिलता है, लेकिन इसके साथ ये भी सच है कि बालों से निकलने वाला तेल प्राकृतिक होता है। इस तेल का बैलेंस यदि बिगड़ गया तो फिर आपके बालों को नुकसान होना शुरू हो जाएगा।
वैसे तो बालों के झरने के कई कारण है। लेकिन फिलहाल लेख ऑयली बालों को लेकर है, ऐसे में चर्चा का विषय ऑयली बाल ही रहेंगे। चिपके हुए बालों से राहत पाने के लिए आपको हर दूसरे या तीसरे दिन शैम्पू करना होगा। इससे आपके बाल आप जैसे ही स्मार्ट दिखेंगे। जहां ऑयली तेल आपकी सूरत बिगाड़ कर आपको मरीज बना सकता है तो वहीं अच्छा शैम्पू और कंडिशनर आपके बालों में जान डाल देता है। जिससे आपके बाल सेहतमंद दिखते हैं। ऑयली बालों की एक और गंभीर समस्या यह है कि इनसे बालों में और त्वचा पर कई तरह की दिक्कतें पैदा हो जाती हैं। सिर की त्वचा पर होने वाली रुसी के लिए ऑइली बाल खासतौर पर जिम्मेदार हैं। बालों और त्वचा के डॉक्टर बताते हैं कि ऑयली बालों की सही देखभाल न करने से स्थायी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बालों का झरना भी शुरू हो जाएगा। यदि बालों का झरना लगातार जारी रहा तो यकीन मानिए आप कुछ महीनों में गंजेपन के शिकार हो सकते हैं। ऐसे में समय रहते बालों को बचाना जरूरी हो जाता है।

बालों के तैलीय होने की वजह 


बालों के तैलीय होने की वजह माता-पिता और नजदीक के रिश्तेदार भी हो सकते हैं। ये बीमारी जेनेटिकली आगे की पीढ़ी में बढ़ती है। लिहाजा इसकी रोकथाम के लिए बस आपको हर दो एक दिन पर बालों पर शैम्पू करना होगा। बाल तैलीय होने की वजह चिंता, खानपान, तैलीय खाने की अधिकता, पानी कम पीना, हॉर्मोंस में बदलाव लाने वाली दवाइयां, मासिक चक्र में बदलाव, बर्थ कंट्रोल दवाइयां और पैन किलर्स भी जिम्मेदार हो सकते हैं। बता दें कि सिर की त्वचा में सेबेसेअस ग्लैंड्स होते हैं जो सेबम नाम के पदार्थ को सिर की त्वचा में छोड़ते हैं। ये सेबम ही बालों की प्राकृतिक नमी को बचाए रखता है, लेकिन जब त्वचा में सेबम की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो ये बालों के द्वारा सोख लिया जाता है और इससे बाल ऑयली हो जाते हैं। तैलीय बालों का दूसरा कारण होर्मोंस होते हैं। आमतौर पर हॉर्मोंस अनियंत्रित हो जाते हैं गर्भावस्था में और किशोरावस्था में कदम रखने पर सेबम का स्त्राव अधिक मात्रा में होने लगता है। इसके अलावा कई तरह की बीमारियां से भी बाल ऑयली हो जाते हैं।

अब सवाल उठता है कि बालों को तैलीय होने से कैसे रोकें ?


सबसे पहले आप को अपनी डाइट में बदलाव लाना होगा और इसमें फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ाना है। आपको पानी की मात्रा को बढ़ाकर आठ से दस ग्लास प्रतिदिन करनी होगी। आपके बालों की सफाई के लिए नियमित तौर पर शैम्पू का इस्तेमाल जरूरी है। बालों में कभी-कभी गुनगुना बादाम तेल लगाने की जरूरत है
क्योंकि यह कम चिपचिपा होने के साथ-साथ बालों को भरपूर मात्रा में पोषण प्रदान करता है। इसमें आप नींबू के रस को मिला सकते हैं। आप मेहंदी के इस्तेमाल से भी ऑयली बालों की देखभाल कर सकते हैं। मेहंदी से बालों का अतिरिक्त तेल निकल जाता है। आप रोज कसरत करें, इस दौरान बालों से निकली गंदगी को साफ
कर लें। स्वस्थ बालों के लिए स्वच्छ बाल और त्वचा जरूरी है। इसका ख्याल रखें। 

Comments