आर्य समाज के चार दिवसीय कार्यक्रम का समापन

नई दिल्ली: गृहमंत्री राजनाथ सिंह आर्य समाज के चार दिवसीय वैश्विक सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में

मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने बालिका शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर काफी काम किया है। गृहमंत्री ने आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने देश को सांस्कृतिक एकता से जोड़ने की महत्वपूर्ण कोशिश की। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के लोगों में भारतीयता की भावना जितनी प्रबल  होगी देश की एकता उतनी मजबूत होगी। गृहमंत्री ने कहा कि इस समय देश कई समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में इन समस्याओं के समाधान के बारे में सोचना चाहिए। एक संगठन के तौर पर आर्य समाज ने समाज और देश के विकास में अहम योगदान दिया है। आर्य समाज ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया बताया है कि मानवता से देश और समाज, संगठन और व्यक्ति और मजबूत होता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की संस्कृति अपने आप में आधुनिक है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज 6 हजार से अधिक स्कूल संचालित कर रहा है जो समाज के प्रति एक सराहनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि दुनिया के पास अब भी वह ज्ञान नहीं है जो हमारे वेदों में मौजूद है। सिंह ने कहा कि दुनिया में पायथागोरस पद्धति आने से 800 से अधिक साल पहले बौधायन नाम के एक भारतीय ऋषि इसकी अवधारणा संस्कृत में दी थी। कार्यक्रम में गृहमंत्री ने घोषणा की कि स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती 2024 में मनाई जाएगी। इसको लेकर वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा करेंगे। बता दें कि रोहिणी जयंती पार्क में आर्य समाज के इस वैश्विक सम्मेलन का उदघाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। इसमें 32 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 

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