रंजन गोगोई बने चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

नई दिल्ली: जस्टिस रंजन गोगोई ने देश के मुख्‍य न्‍यायाधीश का पदभार संभाल लिया है। राष्ट्रपति भवन में
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इसके बाद वो सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ के साथ केसों की सुनवाई करेंगे। जस्टिस गोगोई इस पद पर पहुंचने वाले पूर्वोत्‍तर भारत के पहले मुख्‍य न्‍यायधीश हैं। जस्टिस गोगोई देश के 46वें प्रधान न्‍यायाधीश हैं और 17 नवंबर 2019 तक उनका कार्यकाल होगा। असम के पूर्व मुख्यमंत्री केशव चंद्र गोगोई के बेटे 18 नवंबर, 1954 को जन्मे जस्टिस रंजन गोगोई ने डिब्रूगढ़ के डॉन बोस्को स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा हासिल की और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की। जस्टिस रंजन गोगोई ने 1978 में वकालत शुरू की । उन्होंने संवैधानिक, टैक्स और कंपनी मामलों में गुवाहाटी उच्च न्यायालय में वकालत की। इसके बाद जस्टिस गोगोई को 28 फरवरी 2001 को गुवाहाटी हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। बाद में उनका तबादला 9 सितंबर 2010 में पंचाब और हरियाणा हाईकोर्ट में कर दिया गया।  को 12 फरवरी 2011 को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में उन्हें चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। इसके बाद 23 अप्रैल 2012 को जस्टिस गोगोई को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया। अब सीनियरिटी के आधार पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त कर पद की शपथ दिलाई। 

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