सरकार ने गिनाए परमाणु ऊर्जा के फायदे

नई दिल्ली: परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह नई दिल्ली में 10वें परमाणु ऊर्जा सम्मेलन
का उद्घाटन किया। इस अवसर परउन्होंने कहा कि भारत परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल शांति और विकास के लिए करना चाहता है। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने परमाणु ऊर्जा के गैरविद्युत उपयोगों पर फोकस किया है। इसी सिद्धांत को अंतरिक्ष विभाग समेत दूसरे विभागों और क्षेत्रों में प्रोत्साहित किया जा रहा है। डॉ सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल ने भारत के स्वदेशी दाबित भारी पानी रियेक्टरों यानि PHWR की 10 इकाइयों के निर्माण को स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि भारत के घरेलू ऊर्जा कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने और देश के परमाणु उद्योग को प्रोत्साहित करने का अहम फैसला लिया गया है। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने परमाणु ऊर्जा (संशोधन) विधेयक, 2015 के माध्यम से परमाणु अधिनियम, 1962 के अनुच्छेदों में संशोधन किया है। इससे भारत के परमाणु विद्युत निगम को काफी सहूलियतें मिल जाएंगी। उन्होंने बताया कि पहले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम दक्षिण भारत में सीमित था, लेकिन अब हरियाणा में परमाणु बिजली घर स्थापित किये जाने की प्रक्रिया में हैं। सरकार परमाणु बिजली घर पूरे देश में खोलना चाहती है। परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ के एन व्यास ने कहा कि इस तरह के सम्मेलनों के आयोजन से परमाणु ऊर्जा के लाभों और उससे संबंधित डर के बारे में समझदारी बढ़ाने में फायदा मिलता है। उन्होंने बताया कि कैगा परमाणु विद्युत स्टेशन ने दाबित भारी पानी रियेक्टरों के बाधारहित ढंग से 895 दिन काम करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। सम्मेलन को परमाणु ऊर्जा समूह, भारतीय ऊर्जा फोरम और होमी भाभा राष्ट्रीय संस्थान के कुलपति और परमाणु ऊर्जा  आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ श्रीकुमार बनर्जी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य स्रोत एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि अभी भारत में परमाणु ऊर्जा का हिस्सा 3 प्रतिशत है जबकि वैश्विक औसत 10 प्रतिशत का है। उन्होंने कहा कि इसमें सुधार लाने की जरूरत है।

Comments