हिन्दुओं का अपमान बर्दाश्त नहीं: RSS

मुंबई: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने धमकी दी है कि यदि राम मंदिर नहीं
बना तो संघ 1992 जैसा आंदोलन फिर खड़ा कर देगा। संघ के सरकार्यवाहक भैय्याजी जोशी ने बयान जारी कर रहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस मसले को टाल रहा है। 29 अक्टूबर से लगातार सुनवाई होनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जजों ने ये कहते हुए जनवरी 2019 तक के लिए मामले को टाल दिया कि उनके प्राथमिकताएं भी हैं। संघ की तरफ से कहा गया है कि न्यायपालिका में पूरी आस्था है, लेकिन अदालत को भी हिन्दू समाज का ख्याल रखना चाहिए। भैयाजी जोशी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले को टाल कर हिन्दू समाज का अपमान  किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से करोड़ों हिन्दुओं की आस्था जुड़ी हुई है।  संघ को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि सरकार क्या कर रही है। संघ को उम्मीद थी कि इस दिवाली तक राम मंदिर बन कर तैयार होता, लेकिन यहां मामले को लंबा खींचा जा रहा है। संघ ने कहा है कि बीजेपी सरकार अध्यादेश लाए या कानून बनाए, लेकिन हर हाल में अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए। उधर शिवसेना ने भी मोदी सरकार पर हमला बोला है। शिवसेना का  कहना है कि सरकार मामले को लंबा खींच रही है। बता दें कि 31 अक्टूबर से लेकर 2 नवंबर तक मुंबई में संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक 2ं नवंबर को समाप्त हो गई। इस कार्यक्रम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिले। बताया जा रहा है कि राम मंदिर पर दोनों के बीच चर्चा हुई। फिलहाल संघ के बढ़ते दबाव के बाद अयोध्या में राम मंदिर को लेकर मोदी सरकार क्या कदम उठाती है। ये जानने के लिए इंतजार करना होगा। संघ का भी कहना है कि वो पिछले 30 साल से आंदोलन कर रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं कि राम लला के लिए मंदिर बनेगा, लेकिन कब बनेगा ये न तो मोदी बोल रहे हैं और न ही योगी। 

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