'विकास' की हवा में उड़ गईं बीजेपी की सीटें !

5 राज्यों में भाजपा हार चुकी है, लेकिन मोदी सरकार इस हार को दरकिनार करने की कोशिश कर रही है। आज
संसद के शीतकालीन सत्र का पहला दिन था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सहयोगियों के साथ आए और अपनी बात मीडिया पर थोप दी, लेकिन इस दौरान उन्होंने पांच राज्यों में बीजेपी की हार पर कुछ नहीं कहा। रात 8 बजे तक के रुझान और नतीजों से साफ है कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया है। वहीं राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में है। जबकि मध्य प्रदेश में इस वक्त भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। यहां बीजेपी 110 तो कांग्रेस 111 सीटों पर आगे हैं। उधर चुनाव आयोग ने बयान जारी किया है  कि रात 10 बजे तक मध्य प्रदेश के नतीजे आ जाएंगे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में दोनों दलों की क्या स्थिति हो सकती है। यहां कांग्रेस के लिए सरकार





बनाना आसान होगा, क्योंकि अन्य की श्रेणी में जीत हासिल करने वाली बसपा और सपा ने कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही है। जाहिर है कि मध्य प्रदेश भी बीजेपी के हाथ से निकलता नजर आ रहा है। रात 8 बजे तक की जो स्थिति है उसके मुताबिक भाजपा 65 सीटें जीत चुकी हैं वहीं 44 सीटों पर आगे चल रही है। यानि यहां भाजपा को कुल 109 सीटें मिलती दिख रही हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा को 56 सीटों का नुकसान होते साफ दिखाई दे रहा है। यहां कांग्रेस 81 सीटें जीत चुकी है और 32 पर आगे चल रही है। ऐसे में कांग्रेस को कुल 113 सीटें मिलती दिख रही है। यहां कांग्रेस को 55 सीटों को फायदा होता दिख रहा है। अन्य के खाते की बात करें तो अन्य को कुल 8 सीटें मिली हैं। अब बात छत्तीसगढ़ की जहां भाजपा की हालत इतनी बुरी है कि किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि बीजेपी इतनी गर्त में चली जाएगी। यहां भाजपा ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की है वहीं 8 सीटों पर आगे चल  रही है।  यानि कुल 15 सीट बीजेपी के खाते में आती दिख रही है। इस तरह हिसाब लगाया जाए तो यहां बीजेपी को 34 सीटों का नुकसान हुआ है। यहां कांग्रेस की शानदार स्थिति है। कांग्रेस ने 40 सीटों पर जीत दर्ज की है वहीं 26 विधानसभा सीटों पर आगे चल रही है। इस तरह देखें तो कांग्रेस को कुल 66 सीटें मिलती दिख रही हैं। यहां कांग्रेस को 27 सीटों का फायदा होता दिख रहा है। 2013 के चुनाव में कांग्रेस को 39 सीटें मिली थी जबकि बीजेपी को 49 सीटें हासिल हुई थी। यहां अन्य के खाते में 9 सीटें जाते दिख रही हैं। इनमें अजीत जोगी, रेणु जोगी और ऋचा जोगी शामिल हैं। यहां JCCJ को सफलता नहीं मिली है लेकिन इस चुनाव में जोगी परिवार के सभी सदस्य जीत हासिल कर चुके हैं। अब बात राजस्थान की जहां कांग्रेस ने अपना झंडा गाड़ दिया है। 199 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को कुल 99 सीटें मिलती दिख रही हैं। अब तक कांग्रेस 76 सीटों पर काबिज हो गई है और 23 सीटों पर आगे चल रही है। 2013 के मुकाबले इस बार कांग्रेस फायदे में दिख रही है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को महज 21 सीटें मिली थी। यहां भाजपा को 64 सीटों पर जीत मिली है वहीं 10 सीटों पर वो आगे है।  इस तरह कुल 74 सीटें बीजेपी के खाते में आती दिख रही हैं। यहां बता दें कि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटें मिली थीं। अब बात तेलंगाना की जहां केसीआर का दांव सफल हो गया। समय से पहले विधानसभा को भंग करने का के चंद्रशेखर राव का फैसला सही साबित हुआ। यहां TRS ने अब तक 74 सीटें जीत ली हैं वहीं 14 सीटों पर उसके प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। इस तरह कुल 119 विधानसभा सीटों में से 88 सीटें TRS को मिलती दिख रही हैं। वहीं कांग्रेस ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की है और 1 सीट पर आगे चल रही है। इस तरह कांग्रेस के खाते में 21 सीट आती दिख रही है। AIMIM ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की है वहीं 2 पर आगे चल रही है। इस तरह MIMIM के खाते में कुल 7 सीटें जाती हुई दिख रही हैं। यहां बीजेपी ने महज 1 सीट पर जीत दर्ज की है। यहां 2013 में भाजपा को 5 सीटें मिली थी। इस तरह यहां बीजेपी को 4 सीटों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अन्य के खाते में 2 सीटें गई हैं। अब बात उस प्रदेश की जहां कांग्रेस ने बीत 10 सालों से राज किय है। जी हां मिजोरम, यहां 40 सीटों वाली विधानसभा चुनाव में MNF को 26 सीटें मिली हैं जो सरकार बनाने के लिए काफी है। यहां कांग्रेस को केवल 5 सीट मिली है जबकि 2013 के चुनाव में यहां कांग्रेस को 34 सीटें मिली थीं। इस राज्य में भाजपा ने अपना खाता खोला है। उसे एक सीट मिली है। वहीं अन्य के खाते में 8 सीटें गई हैं। 

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